पूर्णिमा हिन्दू धर्म में अत्यंत पवित्र तिथि मानी जाती है। इस दिन चंद्रमा अपने पूर्ण स्वरूप में होता है, इसलिए इसे पूर्णिमा कहा जाता है। वर्ष 2026 में आने वाली सभी पूर्णिमा तिथियाँ, उनके व्रत, पूजा विधि, धार्मिक महत्व और लाभ की पूरी जानकारी इस लेख में विस्तार से दी गई है।
अगर आप Purnima Vrat 2026, पूर्णिमा 2026 की तारीख, या Full Moon Dates 2026 in Hindi खोज रहे हैं, तो यह ब्लॉग आपके लिए पूरी तरह उपयोगी है।
पूर्णिमा क्या है?
हिन्दू पंचांग के अनुसार, जब शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि आती है और चंद्रमा पूर्ण रूप से दिखाई देता है, उसे पूर्णिमा तिथि कहा जाता है।
इस दिन:
- चंद्र देव की विशेष पूजा की जाती है
- व्रत, दान और स्नान का महत्व होता है
- मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है
पूर्णिमा 2026 की सभी तिथियाँ (Month-wise List)
वर्ष 2026 में कुल 12 पूर्णिमा तिथियाँ पड़ रही हैं। नीचे दी गई तालिका में 2026 की सभी पूर्णिमा तिथियाँ दी गई हैं, जिससे आप अपने व्रत और धार्मिक कार्यों की सही योजना बना सकें।
| पूर्णिमा | तिथि | पूर्णिमा तिथि प्रारंभ – समाप्त |
|---|---|---|
| पौष पूर्णिमा | 3 जनवरी 2026 | 2 जनवरी 06:53 PM – 3 जनवरी 03:32 PM |
| माघ पूर्णिमा | 1 फरवरी 2026 | 1 फरवरी 05:52 AM – 2 फरवरी 03:38 AM |
| फाल्गुन पूर्णिमा | 3 मार्च 2026 | 2 मार्च 05:55 PM – 3 मार्च 05:07 PM |
| चैत्र पूर्णिमा | 1 अप्रैल 2026 | 1 अप्रैल 07:06 AM – 2 अप्रैल 07:41 AM |
| वैशाख पूर्णिमा | 1 मई 2026 | 30 अप्रैल 09:12 PM – 1 मई 10:52 PM |
| ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा | 30 मई 2026 | 30 मई 11:57 AM – 31 मई 02:14 PM |
| ज्येष्ठ पूर्णिमा | 29 जून 2026 | 29 जून 03:06 AM – 30 जून 05:26 AM |
| आषाढ़ पूर्णिमा (गुरु पूर्णिमा) | 29 जुलाई 2026 | 28 जुलाई 06:18 PM – 29 जुलाई 08:05 PM |
| श्रावण पूर्णिमा | 27 अगस्त 2026 | 27 अगस्त 09:08 AM – 28 अगस्त 09:48 AM |
| भाद्रपद पूर्णिमा | 26 सितंबर 2026 | 25 सितंबर 11:06 PM – 26 सितंबर 10:18 PM |
| आश्विन पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा) | 25 अक्टूबर 2026 | 25 अक्टूबर 11:55 AM – 26 अक्टूबर 09:41 AM |
| कार्तिक पूर्णिमा | 24 नवंबर 2026 | 23 नवंबर 11:42 PM – 24 नवंबर 08:23 PM |
| मार्गशीर्ष पूर्णिमा | 23 दिसंबर 2026 | 23 दिसंबर 10:47 AM – 24 दिसंबर 06:57 AM |
पूर्णिमा व्रत का धार्मिक महत्व
पूर्णिमा व्रत का उल्लेख कई पुराणों और धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। इस दिन:
- भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा
- चंद्र देव को अर्घ्य
- गंगा स्नान और दान
करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
विशेष रूप से:
- माघ पूर्णिमा – स्नान-दान के लिए
- गुरु पूर्णिमा – गुरु पूजन के लिए
- शरद पूर्णिमा – लक्ष्मी कृपा के लिए
- कार्तिक पूर्णिमा – दीपदान के लिए प्रसिद्ध है
पूर्णिमा व्रत की पूजा विधि
पूर्णिमा के दिन पूजा करने की सामान्य विधि इस प्रकार है:
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें
- व्रत का संकल्प लें
- भगवान विष्णु, लक्ष्मी माता और चंद्र देव की पूजा करें
- चंद्रमा को दूध, जल और सफेद फूल अर्पित करें
- “ॐ सोमाय नमः” मंत्र का जाप करें
- रात्रि में चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोलें
पूर्णिमा व्रत के नियम
- व्रत में सात्विक भोजन करें
- क्रोध और नकारात्मक विचारों से बचें
- दान अवश्य करें (चावल, दूध, वस्त्र)
- ब्रह्मचर्य और संयम रखें
पूर्णिमा व्रत के लाभ
पूर्णिमा व्रत करने से:
- मानसिक शांति मिलती है
- चंद्र दोष शांत होता है
- परिवार में सुख-समृद्धि आती है
- स्वास्थ्य और मनोबल बढ़ता है
ज्योतिष के अनुसार, पूर्णिमा का व्रत चंद्रमा को मजबूत करता है, जिससे व्यक्ति का मन स्थिर और सकारात्मक रहता है।
पूर्णिमा 2026 से जुड़े सामान्य प्रश्न (FAQ)
Ans 3 जनवरी 2026 को पौष पूर्णिमा है।
Ans 29 जुलाई 2026 को गुरु पूर्णिमा है।
Ans हाँ, पुरुष और महिलाएँ दोनों पूर्णिमा व्रत कर सकते हैं।
Ans सूर्योदय से चंद्र दर्शन तक।
निष्कर्ष
पूर्णिमा 2026 का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व अत्यंत बड़ा है। यदि आप सही तिथियों के अनुसार व्रत और पूजा करते हैं, तो निश्चित रूप से आपको सकारात्मक फल प्राप्त होंगे। यह लेख आपको Purnima Vrat 2026 से जुड़ी पूरी जानकारी प्रदान करता है।

